ॐ गुरु चरणन चित लाऊँ,
जन्म-जन्म सुख पाऊँ॥
गुरु चरणों की धूलि चंदन,
माथे तिलक लगाऊँ॥
गुरु चरणों में गंगा यमुना,
पीकर प्यास बुझाऊँ॥
गुरु चरणों का जल अमृत है,
पीकर अमर हो जाऊँ॥
गुरु चरणों में ध्यान लगाकर,
भव सागर तर जाऊँ॥
बड़े भाग्य से गुरु मैंने पायो,
तन मन भेंट चढ़ाऊँ॥
ॐ गुरु चरणन चित लाऊँ,
जन्म-जन्म सुख पाऊँ॥
गुरु चरणों की धूलि चंदन,
माथे तिलक लगाऊँ॥
गुरु चरणों में गंगा यमुना,
पीकर प्यास बुझाऊँ॥
गुरु चरणों का जल अमृत है,
पीकर अमर हो जाऊँ॥
गुरु चरणों में ध्यान लगाकर,
भव सागर तर जाऊँ॥
बड़े भाग्य से गुरु मैंने पायो,
तन मन भेंट चढ़ाऊँ॥