लाली बावा लाल की, जित देखूं तित लाल,
लाली देखन में गई, ते मैं भी हो गई लाल।
लाल कियो विश्राम जहां, लाल कियो अशनान,
गंगा मईया आन के, हुई कृपा निधान।
लाल दास के सेवकों, करो यहां नित अशनान,
चरण पादुका श्री लाल की, मिले यहां महान।
अयोध्या में श्री राम जी, सहारनपुर श्री लाल,
भक्त दोनों के भरत थे, दोनों जीव महान।
सिमरो नाम श्री लाल का, छूटे यम का फाश,
दु:ख दर्द सब दूर हों, हो पाप का नाश।
ऐसे बावा लाल जी, जिनका हर सो प्रकाश।