Ardas - Shri Bawa Lal Ji

अरदास - श्री बावा लाल जी की

Ardas of Satguru Shri Bawa Lal Dayal Ji Maharaj

Temple Samadhi Shri Bawa Lal Ji
सतयुग हंस राम जी त्रेता, द्वापर कृष्ण पसारा।
पतित उघारण को कलिमाही, श्री लाल रूप हरि धारा।।
प्रयम ओंकार को सिमरिये, चैतन्य प्रभु सहाय।
श्री बावा लाल ध्याइये, जिस ध्यायाँ सब दुख जाये।।
श्री गुरुमुख लाल को सिमरिये, दयाराम धर ध्यान।
सिमरिये गुरुजन दास जी, श्री राम सहाई नाम।।
श्री लाल दास के ध्यान से, का आवे पास।
श्री शीतल दास का नाम लें, कार्य होवे रास।।
श्री हरिभजन दास महन्त जी, भजन कियो श्री राम।
दानी यति योगेश्वर ! सिमरो भी श्री बलराम।।
दशम अवतार श्री लाल का, प्रकटे श्री राघव दास।
जांके ध्यायाँ कष्ट मिटें, टूटे यम का पाश।।
एकादश बावा लाल जी, ज्योति प्रकटी आन।
हिरनाम दास महन्त जी, जपियों श्री हिरनाम।।
कलियुग मांही प्रकट हो कियो नाम प्रकाश।
ऐसे श्री हिरनाम जी, पूर्ण करदे आस।।
सन्त रूप किल काल में, प्रकटे श्री सुदर्शन दास।
त्रयोदश गद्दी में प्रकट हुए, श्री द्वारका दास।।
चयोदश गद्दी में प्रकट हुए, श्री नारायण दास।
पन्द्रहवी गद्दी में प्रकट हुए, श्री राम सुन्दर दास।।
पूर्ण साघु रूप में, कर दे पूर्ण आस।।
सिमरे पन्द्रश नाम जो, हो कष्ट दु:ख सब नाश।
धन्य धन्य वंश श्री लाल का, जिस जंग में नाम जपाया।।
पाप मेट किलकाल में, धर्म कर्म चित्त लाया।
धन्य धन्य श्री ध्यानपुर धाम, जहाँ लाल कियो विश्राम।।
धन्य धन्य बाड़ा श्री लाल का, जहाँ गंगा माई बुलायें।
की तपस्या सो वर्ष, प्रभु संग चित्त लायें।।
गुरु महिमा कही न जाये, गुरु महिमा कही न जाये।
बाईस गद्दी, तपो धाम और अनन्त लाल द्वारों का ध्यान धर कर
सभी संगत बोलो
श्री बावा लाल दयाल महाराज की जय !
बाईस चेले और सब गद्दी के सन्तों महन्तों की कमाई बल ध्यान धर कर
सभी संगत बोलो
श्री बावा लाल दयाल महाराज की जय !
चारों धाम, चारों सम्प्रदाय, अखाड़े द्वारे, गंगा, गीता, गायत्री, गुरु मन्त्र, गोविन्द हरि का ध्यान धर
सभी संगत बोलो
श्री बावा लाल दयाल महाराज की जय !
जहाँ-2 भक्त सेवक, तहाँ-2 हरि गुरु रक्षक, भेष की टेक, शरण की लाज
सेवक भक्तों के पाप हरो, नाम, दान, आशाएं पूर्ण करो
सेवकों का प्रसाद रसनी लगाओ, अपना नाम जपाओ
तेरे नाम दा आसरा, सेवकों जयकारा बोलो
श्री सतगुर बावा लाल दयाल महाराज की जय !

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Short Ardas छोटी अर्दास